श्रीमद् भगवद् गीता शंकर भाष्य, संस्कृत टीका और हिंदी अनुवाद सहित | भाषा: हिंदी | कोड: 10
श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)विवरण
श्रीमद् भगवद् गीता (शंकर-भाष्य संस्करण) में भगवान कृष्ण की शाश्वत शिक्षाओं को अद्वैत वेदांत के महानतम गुरुओं में से एक आदि शंकराचार्य की प्रसिद्ध टीका के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह संस्करण गीता के आध्यात्मिक दर्शन की गहन समझ प्रदान करता है—पाठकों को आंतरिक स्पष्टता, आत्म-साक्षात्कार और धार्मिक जीवन की ओर मार्गदर्शन करता है।
गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में शामिल हैं:
सभी 18 अध्यायों का संपूर्ण संस्कृत पाठ
शंकर की मूल शास्त्रीय टीका (भाष्य)
आधुनिक पाठकों के लिए स्पष्ट और सटीक हिंदी अनुवाद
वेदांत के छात्रों, आध्यात्मिक ज्ञान के साधकों और गीता के गहन दार्शनिक संदेश को जानने की इच्छा रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए आदर्श। यह दैनिक अध्ययन, कक्षा शिक्षण, सत्संग और आत्मचिंतन के लिए पूर्णतः उपयुक्त है।
यह संस्करण कर्म-योग को समझने का द्वार है। भगवान कृष्ण द्वारा सिखाए गए भक्ति-योग, ज्ञान-योग और मुक्ति के परम मार्ग।
प्रत्येक आध्यात्मिक पुस्तकालय के लिए एक अनिवार्य ग्रंथ।
गहन शास्त्र अध्ययन के लिए आदि शंकराचार्य की प्रसिद्ध टीका सहित एक शास्त्रीय हिंदी संस्करण।
मुख्य विशेषताएं :
शंकर-भाष्य शामिल – अद्वैत वेदांत के केंद्रबिंदु आदि शंकराचार्य की प्रामाणिक टीका इसमें शामिल है।
संपूर्ण संस्कृत पाठ – भगवद् गीता के सभी 18 अध्याय पारंपरिक प्रारूप में।
हिंदी अनुवाद उपलब्ध – सुगम समझ और अध्ययन के लिए स्पष्ट और सटीक अनुवाद।
उन्नत अध्ययन के लिए आदर्श – वेदांत, दर्शनशास्त्र और शास्त्र अध्ययन के छात्रों के लिए उपयुक्त।
दैनिक पठन के लिए संरचित – नियमित अध्ययन, सत्संग समूहों और व्यक्तिगत चिंतन के लिए उत्तम।
उच्च गुणवत्ता वाला गीता प्रेस संस्करण – टिकाऊ मुद्रण, स्वच्छ टाइपोग्राफी और पारंपरिक प्रस्तुति।
उत्कृष्ट उपहार विकल्प – त्योहारों, गृहप्रवेश, छात्रों, शिक्षकों और आध्यात्मिक साधकों के लिए आदर्श।





