
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन
सच्चा सुख और उसकी प्राप्ति के उपाय | गीता प्रेस, गोरखपुर | आदर्श देवियाँ | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 291
तुरंत पढ़ेंउपलब्ध है
₹10
ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयन्दका द्वारा पराम्बा, सीता, देवी कुन्ती, द्रौपदी, गान्धारी के जीवन-चरित्र का अनूठा चित्रण, जिसमें उनके पति-प्रेम, पति-सेवा, त्याग, सहिष्णुता, निर्भयता आदि गुणों के विषय में ऐसा मनोहर वर्णन किया गया है जिसे पढ़कर आँखों से प्रेमाश्रु छलक पड़े।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 291
टैग:Shri Jayadayal Ji Goyendka
शेयर करना:
ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयन्दका द्वारा पराम्बा, सीता, देवी कुन्ती, द्रौपदी, गान्धारी के जीवन-चरित्र का अनूठा चित्रण, जिसमें उनके पति-प्रेम, पति-सेवा, त्याग, सहिष्णुता, निर्भयता आदि गुणों के विषय में ऐसा मनोहर वर्णन किया गया है जिसे पढ़कर आँखों से प्रेमाश्रु छलक पड़े।
- 64 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
त्वरित शिपिंग
पूरे भारत में डिलीवरी
सुविधाजनक भुगतान
यूपीआई, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
24x7 सहायता
हम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं