
अमूल्य वचन | गीता प्रेस, गोरखपुर | अमूल्य वचन | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 251
अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका संग्रह है। इसके अध्ययनसे साधन-सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओंका सहज ही समाधान हो जाता है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी ग्रन्थ है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 251
अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका संग्रह है। इसके अध्ययनसे साधन-सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओंका सहज ही समाधान हो जाता है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी ग्रन्थ है।
- 224 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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