
नित्य पाठ-साधन-भजन एवं कर्मकाण्ड-हेतु
अपरोक्षानुभूति (हिन्दी अनुवाद सहित) | गीता प्रेस, गोरखपुर | अपरोक्षानुभूति (हिन्दी अनुवाद सहित) | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 203
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भगवान् शंकराचार्य के द्वारा प्रणीत यह छोटी-सी पुस्तिका तत्त्वज्ञान के बहुमूल्य उपदेशों के रूप में आत्मसाक्षात्कार का महामन्त्र है। सरल अनुवाद के साथ उपलब्ध।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 203
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भगवान् शंकराचार्य के द्वारा प्रणीत यह छोटी-सी पुस्तिका तत्त्वज्ञान के बहुमूल्य उपदेशों के रूप में आत्मसाक्षात्कार का महामन्त्र है। सरल अनुवाद के साथ उपलब्ध।
- 32 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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