
श्रध्देय स्वामी श्रीरामसुखदासजीके कल्याणकारी साहित्य
आवश्यक शिक्षा, सन्तान का कर्तव्य और आहारशुद्धि | गीता प्रेस, गोरखपुर | आवश्यक शिक्षा, सन्तान का कर्तव्य और आहारशुद्धि | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 435
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प्रस्तुत पुस्तक में स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने विद्या प्राप्त करने की कला एवं विद्यार्थियों-हेतु पालनीय नियमों का प्रश्नोत्तर शैली में बड़ा ही सुन्दर विश्लेषण किया है। इसके अतिरिक्त इस में सन्तान के कर्तव्य और आहार-शुद्धि पर भी विवेचन है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 435
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प्रस्तुत पुस्तक में स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज ने विद्या प्राप्त करने की कला एवं विद्यार्थियों-हेतु पालनीय नियमों का प्रश्नोत्तर शैली में बड़ा ही सुन्दर विश्लेषण किया है। इसके अतिरिक्त इस में सन्तान के कर्तव्य और आहार-शुद्धि पर भी विवेचन है।
- 96 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
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