
बालपोथी (सचित्र) भाग-१ | गीता प्रेस, गोरखपुर | बालपोथी (सचित्र) भाग-१ | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 125
गीताप्रेस का उद्देश्य है भारतीय संस्कृति और सभ्यता के उत्कृष्ट संवाहक संस्कारवान् एवं सच्चरित्र बालकों का निर्माण। इस उद्देश्य की सिद्धि के लिये यहाँ से सतत बालोपयोगी सत्साहित्य का सृजन एवं प्रकाशन होता रहता है। इस पुस्तक में सम्पूर्ण वर्णमाला रंगीन बहुरंगे चित्रों के साथ दी गयी है और प्रत्येक अक्षर के साथ दो वस्तुओं के रंगीन चित्र दिये गये हैं। चित्रों में उन्हीं वस्तुओं का ज्ञान कराया गया है जिनसे बच्चों के मन पर अच्छे संस्कार पड़ें और उनके मस्तिष्क का सही दिशा में विकास हो। पुस्तक के प्रारम्भ में भगवान् की सुन्दर प्रार्थना तथा अन्त में स्वर, स्वरों की पहचान, हिन्दी वर्णमाला, व्यंजनों की पहचान, अंग्रेजी वर्णमाला एवं एक से सौ तक गिनती दी गयी है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 125
गीताप्रेस का उद्देश्य है भारतीय संस्कृति और सभ्यता के उत्कृष्ट संवाहक संस्कारवान् एवं सच्चरित्र बालकों का निर्माण। इस उद्देश्य की सिद्धि के लिये यहाँ से सतत बालोपयोगी सत्साहित्य का सृजन एवं प्रकाशन होता रहता है। इस पुस्तक में सम्पूर्ण वर्णमाला रंगीन बहुरंगे चित्रों के साथ दी गयी है और प्रत्येक अक्षर के साथ दो वस्तुओं के रंगीन चित्र दिये गये हैं। चित्रों में उन्हीं वस्तुओं का ज्ञान कराया गया है जिनसे बच्चों के मन पर अच्छे संस्कार पड़ें और उनके मस्तिष्क का सही दिशा में विकास हो। पुस्तक के प्रारम्भ में भगवान् की सुन्दर प्रार्थना तथा अन्त में स्वर, स्वरों की पहचान, हिन्दी वर्णमाला, व्यंजनों की पहचान, अंग्रेजी वर्णमाला एवं एक से सौ तक गिनती दी गयी है।
- 32 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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