
भक्त-चरित्र
भक्तराज ध्रुव | गीता प्रेस, गोरखपुर | भक्तराज ध्रुव | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 189
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भक्तराज ध्रुव का जीवन अपूर्व भगवन्निष्ठा तथा भगवद्भक्ति का उदाहरण है। विमाता के द्वारा अपमानित होकर एक छोटी-सी घटना उनके भगवत्साक्षात्कार का कारण बन गयी। इस पुस्कत में महान् भक्त ध्रुव के प्रेरणादायी चरित्र को पुराणों के आधार पर अत्यन्त सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 189
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भक्तराज ध्रुव का जीवन अपूर्व भगवन्निष्ठा तथा भगवद्भक्ति का उदाहरण है। विमाता के द्वारा अपमानित होकर एक छोटी-सी घटना उनके भगवत्साक्षात्कार का कारण बन गयी। इस पुस्कत में महान् भक्त ध्रुव के प्रेरणादायी चरित्र को पुराणों के आधार पर अत्यन्त सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
- 48 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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