एक महात्मा का प्रसाद

सर्वोपयोगी प्रकाशन (श्रेणी)
एमआरपी45

पुस्तक के बारे में

कोड129
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 256
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 45

विवरण

महात्माओं की महिमा अवर्णनीय है। उनका मुख्य कार्य संसार से अज्ञानान्धकार नाश कर के विमल ज्ञान का प्रकाश करना है। महात्माओं का संसार में निवास लोक-कल्याण के लिये ही होता है। प्रस्तुत पुस्तक ऐसे ही एक तत्त्वज्ञानी महात्मा के संसार-सागर से उद्धार करनेवाले अमूल्य उपदेशों का संकलन है। इसमें चित्तशुद्धि का उपाय, योग, बोध और प्रेम, गुणों के अभिमान से हानि, सत्संग करने की रीति आदि विभिन्न 30 प्रकरणों में साधना के अमृत-उपदेशों का सुन्दर संकलन है।

Gita Press Gorakhpur

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