
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन
परम शान्ति का मार्ग (भाग १) | गीता प्रेस, गोरखपुर | परम शान्ति का मार्ग (भाग १) | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 268
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इस पुस्तक में परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन श्रीजयदयाल गोयन्दका द्वारा शास्त्रीय दृष्टि से धर्म युक्त उन्नति, प्राचीन सिद्धान्तों की उपादेयता, वर्तमान पतन तथा उससे बचने के उपाय, परम पुरुषार्थ इत्यादि विषयों का सुन्दर विवेचन है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 268
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इस पुस्तक में परम श्रद्धेय ब्रह्मलीन श्रीजयदयाल गोयन्दका द्वारा शास्त्रीय दृष्टि से धर्म युक्त उन्नति, प्राचीन सिद्धान्तों की उपादेयता, वर्तमान पतन तथा उससे बचने के उपाय, परम पुरुषार्थ इत्यादि विषयों का सुन्दर विवेचन है।
- 176 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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