
सूर-साहित्य
श्रीकृष्ण-माधुरी | गीता प्रेस, गोरखपुर | श्रीकृष्ण-माधुरी | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 555
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इस पुस्तक में सूरदास जी के 343 पदों का संग्रह किया गया है। इन पदों में भगवान श्री कृष्ण के बाल, कुमार एवं किशोर स्वरूप की अनुपम छटा, मुरली की मधुरिमा एवं उसके मोहक प्रभाव का बड़ा ही सजीव चित्रण किया गया है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 555
टैग:Shri Soordas Ji
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इस पुस्तक में सूरदास जी के 343 पदों का संग्रह किया गया है। इन पदों में भगवान श्री कृष्ण के बाल, कुमार एवं किशोर स्वरूप की अनुपम छटा, मुरली की मधुरिमा एवं उसके मोहक प्रभाव का बड़ा ही सजीव चित्रण किया गया है।
- 272 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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