
परम श्रध्देय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार (भाईजी )-के अनमोल प्रकाशन
गीता प्रेस, गोरखपुर | गीता प्रेस | गीता प्रेस, गोरखपुर | गोसेवा के चमत्कार | हिंदी |आकार: बड़ा (ग्रन्थाकार) |कोड: 651
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गायों की महिमा अपार है। प्राचीन से अर्वाचीन साहित्य तक गो-महिमा से भरे पड़े हैं। इस पुस्तक में आधुनिक सभ्यता से प्रभावित भारतीय जन-मानस को गोभक्ति और गो-महिमा का ज्ञान कराने के उद्देश्य से 'कल्याण' में पूर्व प्रकाशित गो-सेवा के दिव्य चमत्कारों का सचित्र संकलन किया गया है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
1
एसकेयू: 651
टैग:Shri Hanuman Prasad Ji Poddar
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गायों की महिमा अपार है। प्राचीन से अर्वाचीन साहित्य तक गो-महिमा से भरे पड़े हैं। इस पुस्तक में आधुनिक सभ्यता से प्रभावित भारतीय जन-मानस को गोभक्ति और गो-महिमा का ज्ञान कराने के उद्देश्य से 'कल्याण' में पूर्व प्रकाशित गो-सेवा के दिव्य चमत्कारों का सचित्र संकलन किया गया है।
- 56 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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