
जीवन में नया प्रकाश | गीता प्रेस, गोरखपुर | जीवन में नया प्रकाश | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 59
मनुष्य-जीवन शुद्ध अर्थों में मनुष्य ही बनने के लिये है। डॉ. रामचरण महेन्द्र के द्वारा प्रणीत यह पुस्तक जीवन में नवीन चेतना का सञ्चार करने वाली आशावादी विचारों का अनुपम कोश है। इस में आप अमृत-संतान हैं, आशा की जीवन ज्योति, एक रहस्य की बात, व्यवहार का उपहार, हमने मौत को टाला है आदि 42 निबन्धों का सुन्दर संकलन है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 59
मनुष्य-जीवन शुद्ध अर्थों में मनुष्य ही बनने के लिये है। डॉ. रामचरण महेन्द्र के द्वारा प्रणीत यह पुस्तक जीवन में नवीन चेतना का सञ्चार करने वाली आशावादी विचारों का अनुपम कोश है। इस में आप अमृत-संतान हैं, आशा की जीवन ज्योति, एक रहस्य की बात, व्यवहार का उपहार, हमने मौत को टाला है आदि 42 निबन्धों का सुन्दर संकलन है।
- 256 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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