केनोपनिषद

पुराण, उपनिषद् आदि (श्रेणी)
एमआरपी25

पुस्तक के बारे में

कोड68
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 144
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 25

विवरण

सामवेदीय तलवकार ब्राह्मण के अन्तर्गत वर्णित इस उपनिषद में भगवान के स्वरूप और प्रभाव-वर्णन के साथ परमार्थ ज्ञान की अनिर्वचनीयता, अभेदोपासना तथा यक्षोपाख्यान में भगवान का सर्वप्रेरकत्व एवं सर्वकर्तृत्व स्वरूप दर्शनीय है। सानुवाद शांकरभाष्य।

Gita Press Gorakhpur

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