
महकते जीवन फूल | गीता प्रेस, गोरखपुर | महकते जीवन फूल | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 55
आत्मनियन्त्रण एवं आत्मपरिष्कार के द्वारा स्वयं को पूर्ण विकसित फूल के रूप में परिष्कृत कर के सज्जनता सद्व्यवहार की दिव्य सुगन्धि से जगत को सुवासित कर देना सच्ची मानवता है। यह पुस्तक मनुष्य के जीवन का परिष्कार कर के अनेक सद्गुणों से अलंकृत करने वाले डॉ. रामचरण महेन्द्र के अनेक शोधपूर्ण विचारों का अनुपम संग्रह है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 55
आत्मनियन्त्रण एवं आत्मपरिष्कार के द्वारा स्वयं को पूर्ण विकसित फूल के रूप में परिष्कृत कर के सज्जनता सद्व्यवहार की दिव्य सुगन्धि से जगत को सुवासित कर देना सच्ची मानवता है। यह पुस्तक मनुष्य के जीवन का परिष्कार कर के अनेक सद्गुणों से अलंकृत करने वाले डॉ. रामचरण महेन्द्र के अनेक शोधपूर्ण विचारों का अनुपम संग्रह है।
- 304 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
त्वरित शिपिंग
पूरे भारत में डिलीवरी
सुविधाजनक भुगतान
यूपीआई, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
24x7 सहायता
हम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं