
मोहन – एक चित्र कथा | गीता प्रेस, गोरखपुर | मोहन – एक चित्र कथा | हिंदी |आकार: बड़ा (ग्रन्थाकार) |कोड: 871
श्रीकृष्ण-चित्रकथा के इस भाग में ब्रह्माजी के मोहभंग से लेकर श्रीकृष्ण के द्वारा दर्जी और माली पर कृपा तक की नौ सुन्दर लीलाओं के वर्णन के साथ उनके आकर्षक एवं बहुरंगे चित्र भी दिये गये हैं। पुस्तक में दावाग्नि-पान, गोवर्धन-पूजा, रासलीला आदि कथाओं का वर्णन इतना सरस है कि उन्हें बार-बार पढ़ने की इच्छा का पाठक संवरण नहीं कर पाता है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 871
श्रीकृष्ण-चित्रकथा के इस भाग में ब्रह्माजी के मोहभंग से लेकर श्रीकृष्ण के द्वारा दर्जी और माली पर कृपा तक की नौ सुन्दर लीलाओं के वर्णन के साथ उनके आकर्षक एवं बहुरंगे चित्र भी दिये गये हैं। पुस्तक में दावाग्नि-पान, गोवर्धन-पूजा, रासलीला आदि कथाओं का वर्णन इतना सरस है कि उन्हें बार-बार पढ़ने की इच्छा का पाठक संवरण नहीं कर पाता है।
- 20 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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