
नवदुर्गा – एक चित्र कथा | गीता प्रेस, गोरखपुर | नवदुर्गा – एक चित्र कथा | हिंदी |आकार: बड़ा (ग्रन्थाकार) |कोड: 205
सृष्टि की आदि शक्ति भगवती दुर्गा की धर्मशास्त्रों में अतुलनीय महिमा बतलायी गयी है। नवरात्र के नौ दिनों में इनके नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है। इस पुस्तक में भगवती दुर्गा के नवों स्वरूपों के उद्भव, विकास, उपासना तथा उपासना से प्राप्त होनेवाले फलों का अत्यन्त सुन्दर वर्णन किया गया है। पुस्तक में आर्ट पेपर पर माँ दुर्गा के नवों स्वरूपों के आकर्षक तथा रंगीन चित्र भी दिये गये हैं।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 205
सृष्टि की आदि शक्ति भगवती दुर्गा की धर्मशास्त्रों में अतुलनीय महिमा बतलायी गयी है। नवरात्र के नौ दिनों में इनके नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है। इस पुस्तक में भगवती दुर्गा के नवों स्वरूपों के उद्भव, विकास, उपासना तथा उपासना से प्राप्त होनेवाले फलों का अत्यन्त सुन्दर वर्णन किया गया है। पुस्तक में आर्ट पेपर पर माँ दुर्गा के नवों स्वरूपों के आकर्षक तथा रंगीन चित्र भी दिये गये हैं।
- 20 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
त्वरित शिपिंग
पूरे भारत में डिलीवरी
सुविधाजनक भुगतान
यूपीआई, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
24x7 सहायता
हम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं