
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन
प्रत्यक्ष भगवद्दर्शन के उपाय (भक्तियोग का तत्त्व भाग १) | गीता प्रेस, गोरखपुर | प्रत्यक्ष भगवद्दर्शन के उपाय (भक्तियोग का तत्त्व भाग १) | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 303
तुरंत पढ़ेंउपलब्ध है
₹35
यह पुस्तक ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयन्दका द्वारा भक्ति के स्वरूप, भक्तों के लक्षण, नाम-जप, श्रद्धा, प्रेम, शरणागति इत्यादि अनेक विषयों पर सरल भाषा में विशद विश्लेषण है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 303
टैग:Shri Jayadayal Ji Goyendka
शेयर करना:
यह पुस्तक ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयन्दका द्वारा भक्ति के स्वरूप, भक्तों के लक्षण, नाम-जप, श्रद्धा, प्रेम, शरणागति इत्यादि अनेक विषयों पर सरल भाषा में विशद विश्लेषण है।
- 224 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
त्वरित शिपिंग
पूरे भारत में डिलीवरी
सुविधाजनक भुगतान
यूपीआई, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
24x7 सहायता
हम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं