
श्रध्देय स्वामी श्रीरामसुखदासजीके कल्याणकारी साहित्य
सच्चा गुरु कौन? | गीता प्रेस, गोरखपुर | सच्चा गुरु कौन? | हिंदी |आकार: छोटा (पॉकेट साइज़) |कोड: 440
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व्यक्ति के अन्दर ज्ञान प्राप्त करने की उत्कट जिज्ञासा ही तत्त्वज्ञान की जननी है। इस दृष्टि से सच्चा गुरु तत्त्वज्ञान ही है। इस भाव का विशद विश्लेषक तथा कलियुगी गुरुओं से सावधान करने वाला स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज का शोधपूर्ण लेख।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
1
एसकेयू: 440
टैग:Swami Ramsukhdas Ji
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व्यक्ति के अन्दर ज्ञान प्राप्त करने की उत्कट जिज्ञासा ही तत्त्वज्ञान की जननी है। इस दृष्टि से सच्चा गुरु तत्त्वज्ञान ही है। इस भाव का विशद विश्लेषक तथा कलियुगी गुरुओं से सावधान करने वाला स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज का शोधपूर्ण लेख।
- 64 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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