साधन संवर या देवी महात्म्य | भाषा: बांग्ला | आकार: बड़ा (ग्रंथकार) | कोड: 1901

नित्य पाठ-साधन-भजन एवं कर्मकाण्ड-हेतु (श्रेणी)
एमआरपी200

पुस्तक के बारे में

कोड1901
पृष्ठों की संख्या 528
पुस्तकाकार ग्रन्थाकार (18.62cm*27.1cm)
हार्ड बाउंड MRP 200

विवरण

साधना सम्वर या देवी महात्म्य एक गहन बंगाली भक्ति ग्रंथ है जो आध्यात्मिक अनुशासन (साधना) और देवी माँ की सर्वोच्च शक्ति और करुणा पर केंद्रित है। शाक्त दर्शन और भक्ति परंपरा में निहित यह ग्रंथ देवी को न केवल बुराई का नाश करने वाली एक ब्रह्मांडीय शक्ति के रूप में प्रस्तुत करता है, बल्कि एक पालनहार मार्गदर्शक के रूप में भी प्रस्तुत करता है जो साधक को आंतरिक शुद्धि और मुक्ति की ओर ले जाती है। यह ग्रंथ देवी पूजा के परिप्रेक्ष्य में आत्म-संयम, विश्वास, समर्पण और अनुशासित आध्यात्मिक साधना के सिद्धांतों की व्याख्या करता है। यह भक्तों को धर्म में दृढ़ रहते हुए आंतरिक शक्ति, निर्भीकता और भक्ति विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। यह ग्रंथ दर्शन, भक्ति और नैतिक मार्गदर्शन का सामंजस्यपूर्ण मिश्रण प्रस्तुत करता है, जिससे यह गृहस्थों और गंभीर आध्यात्मिक साधकों दोनों के लिए प्रासंगिक बन जाता है।


प्रमुख विशेषताऐं

गोरखपुर स्थित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित यह संस्करण शास्त्रों की प्रामाणिकता और भक्तिमय स्पष्टता को बनाए रखता है।

सरल और सुंदर बंगाली भाषा में लिखी गई यह पुस्तक दैनिक पठन, नवरात्रि अनुष्ठान, देवी पूजा और आध्यात्मिक अध्ययन के लिए उपयुक्त है।

यह पुस्तक देवी माँ के प्रति भक्ति (देवी भक्ति) को मजबूत करती है।

अनुशासित आध्यात्मिक जीवन (साधना और संवर) को प्रोत्साहित करती है।

आंतरिक साहस, पवित्रता और विश्वास को विकसित करती है।

नियमित पूजा, उपवास और भक्तिमय अनुष्ठानों का समर्थन करती है।

शाक्त परंपरा का अनुसरण करने वाले साधकों के लिए आदर्श है।

Gita Press Gorakhpur

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