संक्षिप्त ब्रह्मवैवर्त पुराण | भाषा: गुजराती | कोड: 2165
पुराण, उपनिषद् आदि (श्रेणी)विवरण
ब्रह्मवैवर्त पुराण पौराणिक परंपरा के सबसे पूजनीय ग्रंथों में से एक है, जिसमें भगवान कृष्ण, राधा रानी और ब्रह्मांडीय सृष्टि चक्र की दिव्य लीलाओं का वर्णन है। गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह संक्षिप्त गुजराती संस्करण, पुराण का सार सरल, सुलभ और भक्तिपूर्ण रूप में प्रस्तुत करता है। विशेष रूप से गुजराती पाठकों के लिए तैयार की गई इस पुस्तक में आसानी से पढ़ने के लिए बड़े अक्षरों में छपाई और सुंदर चित्र शामिल हैं जो दिव्य कथाओं को जीवंत बनाते हैं। इसमें सृष्टि, भगवान कृष्ण की महिमा, राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम, भक्ति और दैनिक जीवन के लिए आध्यात्मिक ज्ञान जैसे विषयों को शामिल किया गया है। नियमित पारायण, सत्संग अध्ययन और व्यक्तिगत भक्तिपूर्ण पठन के लिए आदर्श, यह पुस्तक सभी उम्र के पाठकों के लिए उपयुक्त पढ़ने में आसान प्रारूप प्रदान करते हुए शास्त्रीय पवित्रता को बनाए रखती है।
यह पुस्तक एक प्रमुख पुराण का सरलीकृत लेकिन प्रामाणिक संस्करण प्रदान करती है। कृष्ण-राधा तत्व और सृष्टि दर्शन की समझ को बढ़ाती है। दैनिक आध्यात्मिक अभ्यास, ध्यान और पारायण में सहायक है। भक्ति, आंतरिक शांति और उच्च मूल्यों को प्रोत्साहित करती है। स्पष्ट और संक्षिप्त संस्करण चाहने वाले गुजराती भाषी भक्तों के लिए आदर्श। त्योहारों और आध्यात्मिक अवसरों पर उपहार देने के लिए उपयुक्त। बड़े अक्षरों में छपाई बुजुर्गों के लिए आरामदायक पठन सुनिश्चित करती है।
पवित्र ब्रह्मवैवर्त पुराण का चित्रों और बड़े अक्षरों में छपाई के साथ एक सरलीकृत गुजराती संस्करण, जिसे पढ़ना आसान है।
मुख्य विशेषताएं :
"ब्रह्मवैवर्त पुराण का संक्षिप्त संस्करण।
आसानी से समझने के लिए पूरी तरह से गुजराती में।
भक्तिपूर्ण कलाकृतियों के साथ सचित्र।
आसानी से पढ़ने के लिए बड़े अक्षर।
शास्त्रीय प्रामाणिकता के लिए प्रसिद्ध गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित।
टिकाऊ बाइंडिंग और उच्च गुणवत्ता वाली छपाई।
घरेलू पुस्तकालयों, सत्संगों और आध्यात्मिक अध्ययन समूहों के लिए बिल्कुल सही।"

