Shiv Mahapuran Hindi (Pratham Khand – Purvardh) Sanskrit Shlokas with Hindi Puranas Main

शिव महापुराण हिंदी (प्रथम खंड – पूर्वार्ध) – संस्कृत श्लोक हिंदी अनुवाद और टीका के साथ | गीता प्रेस गोरखपुर प्रकाशन

पुराण, उपनिषद् आदि (श्रेणी)
एमआरपी450

पुस्तक के बारे में

कोड2223
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 1072
पुस्तकाकार ग्रन्थाकार (18.62cm*27.1cm)
हार्ड बाउंड MRP 450

विवरण

शिव महापुराण (प्रथम खंड – पूर्वार्ध), गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, भगवान शिव, जो कि संपूर्ण विश्व के परम संहारक और हितकारी हैं, को समर्पित सबसे पवित्र और प्राचीन हिन्दू शास्त्रों में से एक है।


यह चित्रित हिंदी संस्करण मूल संस्कृत श्लोकों के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद और टीका शामिल करता है, जो पाठकों को गहन आध्यात्मिक ज्ञान और प्रेरणा प्रदान करता है।


शिव महापुराण में ब्रह्मांड की सृष्टि, भगवान शिव और देवी पार्वती की महिमा, और उनके पुत्रों — भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय के दिव्य लीले का वर्णन किया गया है। यह मानव जीवन में भक्ति, धर्म और ध्यान के महत्व को सुंदर रूप से समझाता है।


मुख्य विशेषताएँ:

• संस्कृत श्लोकों और हिंदी व्याख्या के साथ प्रामाणिक संस्करण।

• गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित — भारत का सबसे पुराना और सबसे विश्वसनीय आध्यात्मिक प्रकाशक।

• भगवान शिव और दिव्य घटनाओं के सुन्दर चित्रों से समृद्ध।

• शिव तत्त्व, सृष्टि की प्रकृति और मोक्ष (मुक्ति) के मार्ग की व्याख्या करता है।

• दैनिक पाठ, आध्यात्मिक अध्ययन और मंदिर में पाठ के लिए आदर्श।

Gita Press Gorakhpur

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