श्री तुलसीदास गोस्वामी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस | भाषा: गुजराती | कोड: 878

श्रीरामचरितमानस (श्रेणी)
एमआरपी100

पुस्तक के बारे में

कोड878
पृष्ठों की संख्या 480
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 100

विवरण

श्री तुलसीदास गोस्वामी जी द्वारा रचित श्री रामचरितमानस, भारतीय साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा के सर्वाधिक पूजनीय ग्रंथों में से एक है। यह सत्य, सदाचार, भक्ति और धर्म के आदर्शों को मूर्त रूप देते हुए भगवान राम की दिव्य कथा का सुंदर वर्णन करता है।


गीता प्रेस, गोरखपुर से प्रकाशित यह "मूल-मझोला आकार" (मूल पाठ - मध्यम आकार) संस्करण, रामचरितमानस के शुद्ध अवधी छंदों को बिना किसी भाष्य के, स्पष्ट और सुंदर देवनागरी लिपि में प्रस्तुत करता है। यह संस्करण उन भक्तों और पाठकों के लिए है जो तुलसीदास की रचना के अप्रतिम काव्यात्मक सौंदर्य का अनुभव करना चाहते हैं। यह संस्करण दैनिक पाठ (पाठ) और ध्यान के लिए आदर्श है।


श्री तुलसीदास गोस्वामी के कालातीत महाकाव्य का मूल गुजराती पाठ - गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा स्पष्ट देवनागरी लिपि में मध्यम आकार में प्रस्तुत।


मुख्य विशेषताएँ:

• गुजराती फ़ॉन्ट में केवल श्री रामचरितमानस के अंश शामिल हैं

• मध्यम आकार का प्रारूप - पढ़ने, अध्ययन और यात्रा के लिए सुविधाजनक

• गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित - 1923 से भारत का सबसे विश्वसनीय आध्यात्मिक प्रकाशक

• दैनिक जप, मंदिर उपयोग, सत्संग और उपहार देने के लिए आदर्श

• प्रत्येक गृह पूजा स्थल और आध्यात्मिक पुस्तकालय के लिए एक पवित्र वस्तु।

Goswami Tulsidas

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