श्री शिव लीला मृत (मराठी) – भगवान शिव की दिव्य कथाएँ | भाषा: मराठी | आकार: मध्यम | कोड: 1732

नित्य पाठ-साधन-भजन एवं कर्मकाण्ड-हेतु (श्रेणी)
एमआरपी70

पुस्तक के बारे में

कोड1732
भाषामराठी
पृष्ठों की संख्या 320
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 70

विवरण

गोरखपुर के प्रतिष्ठित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित श्री शिवलीलामृत (मराठी) भगवान शिव की दिव्य लीलाओं, गहन शिक्षाओं और भक्तिमय कथाओं का एक आध्यात्मिक रूप से समृद्ध संग्रह प्रस्तुत करता है। यह ग्रंथ साधकों को आंतरिक शांति, भक्ति और भगवान महादेव की असीम करुणा और ब्रह्मांडीय भूमिका की समझ की ओर मार्गदर्शन करने के लिए पूजनीय है।

यह पुस्तक सर्वोच्च चेतना के रूप में शिव की दिव्य लीलाओं, भक्तों, ऋषियों और दिव्य प्राणियों को उनके आशीर्वाद, ब्रह्मांड में संतुलन बनाए रखने वाले उनके शक्तिशाली अवतारों और धर्म, ज्ञान और समर्पण के मार्ग को प्रकाशित करने वाले दार्शनिक विचारों का वर्णन करती है। सरल और भक्तिमय मराठी में लिखी गई यह पुस्तक दैनिक पठन, आध्यात्मिक अध्ययन, शिवरात्रि पारायण और पारिवारिक भजन के लिए आदर्श है। सुंदर चित्र लीलाओं को जीवंत बनाते हैं, जिससे महादेव के प्रति ध्यान और भक्ति में वृद्धि होती है।


प्रमुख विशेषताऐं

शिव भक्तों, गृहस्थों, मंदिरों और आध्यात्मिक साधकों के लिए एक आदर्श ग्रंथ, जो स्पष्टता, शक्ति और दिव्य कृपा की तलाश में हैं।

यह पुस्तक भगवान शिव के प्रति भक्ति और श्रद्धा को गहरा करती है। मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और आध्यात्मिक जागरूकता को मजबूत करती है।

शास्त्रों के अनुसार सटीक ज्ञान को सरल मराठी भाषा में प्रस्तुत करती है। दैनिक पारायण, त्योहारों और पारिवारिक उपासना के लिए आदर्श।

विनम्रता, समर्पण, करुणा और वैराग्य के मूल्यों को प्रोत्साहित करती है।

दिव्य कथाओं के माध्यम से ध्यान और आध्यात्मिक अनुशासन को बढ़ाती है।

शास्त्रों की शुद्धता के लिए विश्वसनीय गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित एक विश्वसनीय और प्रामाणिक स्रोत।

Gita Press Gorakhpur

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