श्रीमद्भगवदगीता-दर्पण | भाषा: हिंदी | कोड: 8

श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)
एमआरपी140

पुस्तक के बारे में

कोड8
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 384
पुस्तकाकार ग्रन्थाकार (18.62cm*27.1cm)
हार्ड बाउंड MRP 140

विवरण

"गीता-दर्पण श्रीमद् भगवद् गीता की सबसे सम्मानित और व्यापक रूप से पढ़ी जाने वाली हिंदी टीकाओं में से एक है, जिसकी रचना पूज्य संत स्वामी रामसुखदास ने की है। यह उत्कृष्ट कृति भगवान कृष्ण के शाश्वत ज्ञान को सरल बनाकर गीता की शिक्षाओं को सुलभ, व्यावहारिक और रोजमर्रा के जीवन के लिए गहन रूप से परिवर्तनकारी बनाती है।


स्पष्ट और भक्तिमय हिंदी में लिखी गई यह टीका प्रत्येक श्लोक की गहन स्पष्टता से व्याख्या करती है—पाठकों को कर्म, भक्ति और ज्ञान के मार्ग पर मार्गदर्शन करती है। यह आंतरिक शांति, कर्तव्य, निस्वार्थता और आध्यात्मिक अनुशासन पर जोर देती है, जिससे साधकों को गीता के ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करने में मदद मिलती है।


गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित यह संस्करण आध्यात्मिक अध्ययन, सत्संग समूहों, दैनिक पठन और व्यक्तिगत चिंतन के लिए आदर्श है। चाहे आप आध्यात्मिक साहित्य के नौसिखिया हों या गंभीर विद्यार्थी, गीता-दर्पण भगवद् गीता के दिव्य संदेश को स्पष्ट रूप से समझने का मार्ग प्रशस्त करता है। मार्गदर्शन, उद्देश्य और आध्यात्मिक उत्थान की तलाश करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए यह एक शाश्वत संसाधन है।"


भगवद् गीता पर एक व्यापक हिंदी टीका, अध्ययन, चिंतन और दैनिक जीवन के लिए।


मुख्य विशेषताएं :

प्रसिद्ध टीका - गीता दर्शन के परम आदरणीय विद्वान स्वामी रामसुखदास जी द्वारा रचित।

श्लोक-दर-श्लोक व्याख्या - भगवद् गीता के प्रत्येक श्लोक की स्पष्ट और विस्तृत व्याख्या प्रदान करती है।

सरल और सुलभ हिंदी - जटिल आध्यात्मिक अवधारणाओं को समझना और व्यवहार में लाना आसान बनाती है।

व्यावहारिक जीवन मार्गदर्शन - कर्तव्य, भक्ति, निस्वार्थता और आंतरिक परिवर्तन पर केंद्रित।

दैनिक अध्ययन के लिए आदर्श - नियमित पठन, सत्संग, कक्षा अध्ययन और व्यक्तिगत चिंतन के लिए उपयुक्त।

उच्च गुणवत्ता वाला गीता प्रेस संस्करण - टिकाऊ बंधन, स्वच्छ मुद्रण और पारंपरिक प्रस्तुति।

आध्यात्मिक उपहार के लिए आदर्श - त्योहारों, गृहप्रवेश, छात्रों, साधकों और बुजुर्गों के लिए उपयुक्त।

Gita - Darpan (Hindi)

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