
श्रीमद्भगवद्गीता | गीता प्रेस, गोरखपुर | श्रीमद्भगवद्गीता | हिंदी |आकार: छोटा (पॉकेट साइज़) |कोड: 20
“श्रीमद्भगवद् गीता (श्लोकार्थ सहित)” गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित की गई सबसे लोकप्रिय और सुलभ संस्करणों में से एक है, जिसे इसकी आध्यात्मिक सच्चाई और स्पष्टता के लिए सम्मानित किया जाता है। यह संस्करण भगवद गीता के प्रत्येक संस्कृत श्लोक को उसके सरल और सटीक हिंदी अर्थ के साथ प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक सीधे भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाओं का सार समझ सकें। यह पुस्तक कर्म योग (कर्म का मार्ग), भक्तियोग (भक्ति का मार्ग), और ज्ञानयोग (ज्ञान का मार्ग) के माध्यम से धर्मपूर्ण जीवन, आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती है। इसकी सरलता इसे सभी आयु वर्ग के पाठकों—छात्रों, साधकों और भक्तों—के लिए आदर्श बनाती है। मुख्य विशेषताएं: • श्रीमद्भगवद्गीता का संपूर्ण पाठ संस्कृत में हिंदी अर्थों (श्लोकार्थ सहित) के साथ। • सरल और संक्षिप्त व्याख्या जिससे दैनिक अध्ययन आसान हो। • पारंपरिक टीका और सनातन धर्म दर्शन के प्रति निष्ठावान। • गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, जो सन 1923 से प्रामाणिक आध्यात्मिक साहित्य के लिए प्रसिद्ध है। • भक्तिपूर्ण पढ़ाई, शिक्षा और उपहार के लिए उपयुक्त।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 20
“श्रीमद्भगवद् गीता (श्लोकार्थ सहित)” गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित की गई सबसे लोकप्रिय और सुलभ संस्करणों में से एक है, जिसे इसकी आध्यात्मिक सच्चाई और स्पष्टता के लिए सम्मानित किया जाता है।
यह संस्करण भगवद गीता के प्रत्येक संस्कृत श्लोक को उसके सरल और सटीक हिंदी अर्थ के साथ प्रस्तुत करता है, जिससे पाठक सीधे भगवान कृष्ण की दिव्य शिक्षाओं का सार समझ सकें।
यह पुस्तक कर्म योग (कर्म का मार्ग), भक्तियोग (भक्ति का मार्ग), और ज्ञानयोग (ज्ञान का मार्ग) के माध्यम से धर्मपूर्ण जीवन, आत्म-साक्षात्कार और आंतरिक शांति के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती है। इसकी सरलता इसे सभी आयु वर्ग के पाठकों—छात्रों, साधकों और भक्तों—के लिए आदर्श बनाती है।
मुख्य विशेषताएं:
• श्रीमद्भगवद्गीता का संपूर्ण पाठ संस्कृत में हिंदी अर्थों (श्लोकार्थ सहित) के साथ।
• सरल और संक्षिप्त व्याख्या जिससे दैनिक अध्ययन आसान हो।
• पारंपरिक टीका और सनातन धर्म दर्शन के प्रति निष्ठावान।
• गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, जो सन 1923 से प्रामाणिक आध्यात्मिक साहित्य के लिए प्रसिद्ध है।
• भक्तिपूर्ण पढ़ाई, शिक्षा और उपहार के लिए उपयुक्त।
- 256 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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