श्रीमद् भगवद् गीता – सातिक मोटा प्रकार | भाषा: हिंदी | कोड: 18

श्रीमद्भगवद्गीता (श्रेणी)
एमआरपी30

पुस्तक के बारे में

कोड18
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 256
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 30

विवरण

गोरखपुर स्थित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित श्रीमद् भगवद् गीता का यह सातिक मोटा संस्करण, पढ़ने में आसानी के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए बड़े और स्पष्ट पाठ प्रारूप में उपलब्ध है। इसमें मूल संस्कृत श्लोकों के साथ-साथ सरल हिंदी व्याख्या (सातिक) भी शामिल है, जो पाठकों को प्रत्येक श्लोक का अर्थ और सार आसानी से समझने में सहायता करती है।


बड़े अक्षरों में छपे होने के कारण यह संस्करण वरिष्ठ पाठकों, दृष्टिबाधित लोगों और उन सभी के लिए आदर्श है जो विशाल और नेत्र-अनुकूल प्रारूप पसंद करते हैं। व्याख्या सरल भाषा में दी गई है, जिससे शुरुआती और नियमित पाठक भगवान कृष्ण के कर्तव्य, भक्ति, अनुशासन और मुक्ति संबंधी मूलभूत उपदेशों को आसानी से समझ सकते हैं।


दैनिक पाठ, गृह पूजा, सत्संग अध्ययन और आध्यात्मिक चिंतन के लिए उपयुक्त, यह संस्करण पाठकों को गीता के शाश्वत ज्ञान से गहराई से जुड़ने में मदद करता है।


सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त एक व्यावहारिक, भक्तिमय और सुलभ संस्करण।


आरामदायक दैनिक पठन के लिए स्पष्ट हिंदी व्याख्या के साथ भगवद् गीता का बड़ा पृष्ठ संस्करण।


मुख्य विशेषताएं :

बड़े अक्षरों वाला प्रारूप (मोटा टाइप) – पढ़ने में आसानी और बिना तनाव के लिए बड़े, स्पष्ट अक्षर।

सरल हिंदी सतिक व्याख्या – स्पष्ट व्याख्याओं से पाठकों को प्रत्येक श्लोक का अर्थ समझने में सहायता मिलती है।

संपूर्ण संस्कृत पाठ – सभी 18 अध्याय पारंपरिक प्रारूप में शामिल हैं।

वरिष्ठ और नौसिखियों के लिए आदर्श – पठनीयता और सहज अध्ययन के लिए डिज़ाइन किया गया।

दैनिक पाठ के लिए उपयुक्त – सुबह के पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए उपयुक्त।

उच्च गुणवत्ता वाली गीता प्रेस प्रिंटिंग – टिकाऊ बाइंडिंग, सुव्यवस्थित लेआउट और भक्तिपूर्ण कलाकृति।

अर्थपूर्ण आध्यात्मिक उपहार – बुजुर्गों, छात्रों, परिवार, सत्संग सदस्यों और मंदिर पुस्तकालयों के लिए आदर्श।

Gita Press Gorakhpur

संबंधित उत्पाद


ब्राउज़िंग इतिहास