
श्रीमद्भागवत महापुराण जगन्नाथ दास टीका सहित | गीता प्रेस, गोरखपुर | ଶ୍ରୀମଦ୍ ଭାଗବତ ମହାପୁରାଣ (ଶ୍ରୀ ଜଗନ୍ନାଥ ଦାସ ଟୀକାସହ) | उड़िया |आकार: बड़ा (ग्रन्थाकार) |कोड: 1551
श्रीमद्भागवत महापुराण – जगन्नाथ दास कृत (ओड़िया संस्करण), गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, ओड़िया साहित्य और हिंदू दर्शन में सबसे पवित्र और पूजनीय ग्रंथों में से एक है। महान संन्यासी जगन्नाथ दास द्वारा रचित, जो श्री चैतन्य महाप्रभु के समकालीन थे, यह ओड़िया भागवत संस्कृत श्रीमद्भागवतम का काव्यात्मक अनुवाद है, जो दिव्य भक्ति और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि से भरा हुआ है। यह भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण और भगवान जगन्नाथ की महिमाओं का वर्णन करता है, पाठकों को भक्ति, धर्म और मोक्ष के पथ पर मार्गदर्शन करता है। यह कालजयी उत्कृष्ट कृति गहन ओड़िया भक्तिपरंपरा को प्रतिबिंबित करती है और जगन्नाथ संस्कृति और ओड़िया आध्यात्मिकता में केंद्रीय स्थान रखती है। मुख्य विशेषताएँ: • श्रीमद्भागवतम के प्रामाणिक जगन्नाथ दास की ओड़िया कृति • गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित – भारत का सबसे सम्मानित आध्यात्मिक प्रकाशक • गहन शिक्षाओं, कथाओं और नैतिकताओं से समृद्ध • प्रतिदिन पाठ, मंदिर में पढ़ाई या भक्तिपरक अध्ययन के लिए आदर्श • भगवान जगन्नाथ, भगवान कृष्ण और सनातन धर्म के भक्तों के लिए आवश्यक
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प्रारूप
एसकेयू: 1551
श्रीमद्भागवत महापुराण – जगन्नाथ दास कृत (ओड़िया संस्करण), गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, ओड़िया साहित्य और हिंदू दर्शन में सबसे पवित्र और पूजनीय ग्रंथों में से एक है। महान संन्यासी जगन्नाथ दास द्वारा रचित, जो श्री चैतन्य महाप्रभु के समकालीन थे, यह ओड़िया भागवत संस्कृत श्रीमद्भागवतम का काव्यात्मक अनुवाद है, जो दिव्य भक्ति और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि से भरा हुआ है।
यह भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण और भगवान जगन्नाथ की महिमाओं का वर्णन करता है, पाठकों को भक्ति, धर्म और मोक्ष के पथ पर मार्गदर्शन करता है।
यह कालजयी उत्कृष्ट कृति गहन ओड़िया भक्तिपरंपरा को प्रतिबिंबित करती है और जगन्नाथ संस्कृति और ओड़िया आध्यात्मिकता में केंद्रीय स्थान रखती है।
मुख्य विशेषताएँ:
• श्रीमद्भागवतम के प्रामाणिक जगन्नाथ दास की ओड़िया कृति
• गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित – भारत का सबसे सम्मानित आध्यात्मिक प्रकाशक
• गहन शिक्षाओं, कथाओं और नैतिकताओं से समृद्ध
• प्रतिदिन पाठ, मंदिर में पढ़ाई या भक्तिपरक अध्ययन के लिए आदर्श
• भगवान जगन्नाथ, भगवान कृष्ण और सनातन धर्म के भक्तों के लिए आवश्यक
- 1120 पृष्ठ
- भाषा: ओड़िया
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- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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