श्रीमद् भागवत महापुराण (स्थूलाक्षर मूलमंत्र) संस्कृत – बोल्ड लिपि में पाठ | गीता प्रेस गोरखपुर प्रकाशन |
पुराण, उपनिषद् आदि (श्रेणी)विवरण
"श्रीमद्भागवत महापुराण (स्थूलक्षरम मूलमंत्रम्)" सनातन धर्म के महानतम ग्रंथों में से एक, दिव्य भागवत महापुराण का अत्यंत प्रतिष्ठित संस्कृत संस्करण है, जिसे गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित किया गया है।
स्पष्ट और गाढ़ी देवनागरी लिपि (स्थूलाक्षरं) में प्रस्तुत यह ग्रंथ मूल संस्कृत श्लोकों को आसानी से पढ़ने और उनका जाप करने की सुविधा प्रदान करता है। इसमें मूलमंत्र भी शामिल हैं, जो इसे विद्वानों और भक्तों, दोनों के लिए एक प्रामाणिक और आध्यात्मिक रूप से उत्थानकारी ग्रंथ बनाता है।
महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमद्भागवतम्, भगवान विष्णु और उनके अवतारों, विशेषकर भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य कथाओं के माध्यम से भक्ति, ज्ञान और धर्म के शाश्वत सत्यों को प्रकट करता है। यह पवित्र ग्रंथ मन को शुद्ध करता है, आत्मा को उन्नत करता है और व्यक्ति को दिव्य अनुभूति के निकट लाता है।
मुख्य विशेषताएँ :
• सहज पठन के लिए बड़े, गाढ़े देवनागरी लिपि में मूल संस्कृत पाठ।
• भक्ति पाठ के लिए मूल मंत्र शामिल हैं।
• दैनिक पाठ, जप या मंदिर में उपयोग के लिए आदर्श।
• प्रामाणिक शास्त्रीय परंपरा को सटीकता के साथ संरक्षित करता है।
• 1923 से विश्व के सबसे विश्वसनीय आध्यात्मिक प्रकाशक, गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित।





