
श्री तुकाराम-चरित्र | गीता प्रेस, गोरखपुर | श्री तुकाराम-चरित्र | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 51
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत तुकाराम को कौन नहीं जानता है। सारा महाराष्ट्र आज भगवान के साथ-साथ उन के नाम का कीर्तन करता है। प्रस्तुत पुस्कक में संत तुकाराम के जीवन-चरित्र का बड़ा ही सरस एवं सुन्दर चित्रण किया गया है। इसमें संत तुकाराम जी पर गुरुकृपा, उनका मनोजय, एकान्तवास, विट्ठलोपासना, आत्मपरीक्षण, भगवत्साक्षात्कार इत्यादि का इतना भावपूर्ण वर्णन किया गया है कि पाठकों की आँखों से बरबस ही प्रेमाश्रु छलक पड़ते हैं।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 51
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत तुकाराम को कौन नहीं जानता है। सारा महाराष्ट्र आज भगवान के साथ-साथ उन के नाम का कीर्तन करता है। प्रस्तुत पुस्कक में संत तुकाराम के जीवन-चरित्र का बड़ा ही सरस एवं सुन्दर चित्रण किया गया है। इसमें संत तुकाराम जी पर गुरुकृपा, उनका मनोजय, एकान्तवास, विट्ठलोपासना, आत्मपरीक्षण, भगवत्साक्षात्कार इत्यादि का इतना भावपूर्ण वर्णन किया गया है कि पाठकों की आँखों से बरबस ही प्रेमाश्रु छलक पड़ते हैं।
- 480 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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