श्रीमद्भागवत महापुराण 2 का भाग 1 श्री महर्षि वेदव्यास द्वारा | भाषा: तेलुगू | कोड: 1975
पुराण, उपनिषद् आदि (श्रेणी)विवरण
श्रीमद्भागवत महापुराण - प्रथम भाग", सनातन धर्म साहित्य के अग्रणी नाम, गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित भागवत महापुराण श्रृंखला का एक पवित्र विस्तार है।
यह प्रथम भाग महर्षि वेदव्यास की गहन और आनंदमय शिक्षाओं को प्रस्तुत करता है, जिसमें भगवान विष्णु और भगवान श्री कृष्ण के दिव्य अवतारों, ब्रह्मांडीय व्यवस्था और मोक्ष के सर्वोच्च मार्ग के रूप में भक्ति की सर्वोच्चता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
यह ग्रंथ सुंदर चित्रों और स्पष्ट तेलुगु टीकाओं से सुसज्जित है, जो इसे विद्वानों और भक्तों दोनों के लिए आदर्श बनाता है। यह जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य पर चिंतन को प्रोत्साहित करता है और भागवत पुराण के शाश्वत संदेश के माध्यम से प्रेम, समर्पण और ज्ञान की प्रेरणा देता है।"
श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रथम भाग पर एक सचित्र तेलुगु टीका, जिसमें भगवान कृष्ण की दिव्य कथाओं और भक्ति, ज्ञान और धर्म के सर्वोच्च सत्य का वर्णन किया गया है।
मुख्य विशेषताएँ :
"• सरल और विश्वसनीय तेलुगु टीका सहित मूल संस्कृत पाठ।
• बेहतर समझ के लिए भक्तिमय रंगीन चित्र शामिल हैं।
• भक्ति योग, ज्ञान योग और भगवान विष्णु व कृष्ण की दिव्य लीलाओं की व्याख्या करता है।
• गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, 1923 से सटीकता और आध्यात्मिक गहराई के लिए प्रसिद्ध।
• दैनिक पठन, सत्संग अध्ययन और आध्यात्मिक प्रतिभा के लिए उत्तम।"





