
श्रीमन् नारायणेयमु | श्लोक–तत्पर्यसहितम्, भागवत सरमु | भाषा: तेलुगू | साइज़: मीडियम (पुस्तककार) | कोड: 1698
गोरखपुर स्थित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित श्रीमननारायणीयमु, परम पूज्य नारायणीयम का एक आध्यात्मिक रूप से समृद्ध तेलुगु संस्करण है। यह एक भक्तिमय कृति है जो नारायण भट्टाद्री द्वारा रचित 100 मधुर दसकों में श्रीमद् भागवत महापुराण के सार को समाहित करती है। इस पुस्तक में श्लोक, तेलुगु अर्थ और तात्पर्य (दार्शनिक व्याख्या) शामिल हैं ताकि पाठक प्रत्येक श्लोक की काव्यमय सुंदरता और आध्यात्मिक गहराई को समझ सकें। यह संस्करण नारायणीयम को सभी आयु वर्ग के तेलुगु पाठकों - भक्तों, छात्रों और आध्यात्मिक साधकों - के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें विष्णु अवतार, कृष्ण लीलाएँ, ब्रह्मांडीय रचना, दिव्य अवतार और भगवान गुरुवायुरप्पन के अंतिम आनंदमय दर्शन का वर्णन है, जिसे आवरण पर खूबसूरती से चित्रित किया गया है। प्रमुख विशेषताऐं भक्तिमय कलाकृतियों से सुशोभित और स्पष्टता के लिए डिज़ाइन किया गया यह ग्रंथ दैनिक पारायण, सत्संग पाठ, मंदिर में जप और व्यक्तिगत ध्यान के लिए आदर्श है। यह पुस्तक भक्तिमय श्लोकों और व्याख्याओं के माध्यम से विष्णु और कृष्ण भक्ति को गहरा करती है। सरल तेलुगु अनुवाद और तात्पर्य टिप्पणियों के कारण यह जटिल संस्कृत श्लोकों को सरल बनाती है। दैनिक जप और पारायण के लिए आदर्श, यह आध्यात्मिक अनुशासन और एकाग्रता को बढ़ाता है। भागवत दर्शन, अवतारों और लीलाओं की समझ को बेहतर बनाता है। शांति, भक्ति और मानसिक उत्थान को बढ़ावा देता है, जो पारंपरिक रूप से नारायणीयम के पाठ से जुड़ा है। पारिवारिक भक्ति अध्ययन को प्रोत्साहित करता है, बड़ों, युवाओं और बच्चों के लिए उपयुक्त है। एक संपूर्ण भक्ति संदर्भ के रूप में कार्य करता है, जो मंदिर उपयोग और सत्संग समूहों का समर्थन करता है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 1698
गोरखपुर स्थित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित श्रीमननारायणीयमु, परम पूज्य नारायणीयम का एक आध्यात्मिक रूप से समृद्ध तेलुगु संस्करण है। यह एक भक्तिमय कृति है जो नारायण भट्टाद्री द्वारा रचित 100 मधुर दसकों में श्रीमद् भागवत महापुराण के सार को समाहित करती है। इस पुस्तक में श्लोक, तेलुगु अर्थ और तात्पर्य (दार्शनिक व्याख्या) शामिल हैं ताकि पाठक प्रत्येक श्लोक की काव्यमय सुंदरता और आध्यात्मिक गहराई को समझ सकें। यह संस्करण नारायणीयम को सभी आयु वर्ग के तेलुगु पाठकों - भक्तों, छात्रों और आध्यात्मिक साधकों - के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इसमें विष्णु अवतार, कृष्ण लीलाएँ, ब्रह्मांडीय रचना, दिव्य अवतार और भगवान गुरुवायुरप्पन के अंतिम आनंदमय दर्शन का वर्णन है, जिसे आवरण पर खूबसूरती से चित्रित किया गया है।
प्रमुख विशेषताऐं
भक्तिमय कलाकृतियों से सुशोभित और स्पष्टता के लिए डिज़ाइन किया गया यह ग्रंथ दैनिक पारायण, सत्संग पाठ, मंदिर में जप और व्यक्तिगत ध्यान के लिए आदर्श है।
यह पुस्तक भक्तिमय श्लोकों और व्याख्याओं के माध्यम से विष्णु और कृष्ण भक्ति को गहरा करती है।
सरल तेलुगु अनुवाद और तात्पर्य टिप्पणियों के कारण यह जटिल संस्कृत श्लोकों को सरल बनाती है।
दैनिक जप और पारायण के लिए आदर्श, यह आध्यात्मिक अनुशासन और एकाग्रता को बढ़ाता है।
भागवत दर्शन, अवतारों और लीलाओं की समझ को बेहतर बनाता है।
शांति, भक्ति और मानसिक उत्थान को बढ़ावा देता है, जो पारंपरिक रूप से नारायणीयम के पाठ से जुड़ा है।
पारिवारिक भक्ति अध्ययन को प्रोत्साहित करता है, बड़ों, युवाओं और बच्चों के लिए उपयुक्त है।
एक संपूर्ण भक्ति संदर्भ के रूप में कार्य करता है, जो मंदिर उपयोग और सत्संग समूहों का समर्थन करता है।
- 400 पृष्ठ
- भाषा: तेलुगू
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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