
विनय पत्रिका (साजिल्द, सरल भावार्थ सहित) | तुलसीदास जी की भक्ति प्रार्थना सरल हिंदी अर्थ के साथ | भाषा: हिंदी | साइज़: मीडियम (पुस्तककार) | कोड: 1701
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित विनय पत्रिका, हिंदू साहित्य की सबसे भावपूर्ण भक्ति रचनाओं में से एक है। इसमें भगवान श्री राम, सीता माता, हनुमान जी और अन्य देवी-देवताओं को संबोधित गहन भावपूर्ण प्रार्थनाएँ हैं, जो विनम्रता, समर्पण, लालसा और पूर्ण भक्ति को व्यक्त करती हैं। गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस सजील (हार्डबाउंड) संस्करण में मूल अवधी श्लोकों के साथ सरल भावार्थ (सरल हिंदी व्याख्याएँ) भी शामिल हैं, जो सभी पाठकों के लिए अर्थ को सुलभ बनाते हैं। पाठ को भक्तिपूर्ण चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिनमें श्री राम और सीता को दिव्य कृपा में बैठे हुए और हनुमान जी को प्रणाम करते हुए सुंदर चित्रण शामिल हैं। प्रमुख विशेषताऐं विनय पत्रिका भक्ति, भाविक शुद्धता और भक्त तथा ईश्वर के घनिष्ठ संबंध की सशक्त अभिव्यक्ति के लिए पूजनीय है। यह दैनिक पठन, सत्संग पाठ, चिंतन और व्यक्तिगत प्रार्थना अभ्यास के लिए आदर्श है। यह पुस्तक तुलसीदास जी की अंतरंग प्रार्थनाओं और निवेदनों के माध्यम से भक्ति को गहरा करती है। सरल हिंदी व्याख्याओं के माध्यम से मूल श्लोकों की समझ को बढ़ाती है। भक्तिपूर्ण कविताओं के माध्यम से भावनात्मक उपचार, समर्पण और मन की शांति को बढ़ावा देती है। दैनिक साधना, सुबह/शाम की प्रार्थना और ध्यानपूर्ण जप के लिए आदर्श। राम भक्ति को मजबूत करती है, पाठकों को श्री राम और सीता माता से भावनात्मक रूप से जोड़ती है। भक्ति साहित्य में शुरुआती लोगों सहित सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त। धार्मिक अवसरों, त्योहारों और आध्यात्मिक उपलब्धियों पर उपहार देने के लिए उत्तम।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 1701
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित विनय पत्रिका, हिंदू साहित्य की सबसे भावपूर्ण भक्ति रचनाओं में से एक है। इसमें भगवान श्री राम, सीता माता, हनुमान जी और अन्य देवी-देवताओं को संबोधित गहन भावपूर्ण प्रार्थनाएँ हैं, जो विनम्रता, समर्पण, लालसा और पूर्ण भक्ति को व्यक्त करती हैं। गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित इस सजील (हार्डबाउंड) संस्करण में मूल अवधी श्लोकों के साथ सरल भावार्थ (सरल हिंदी व्याख्याएँ) भी शामिल हैं, जो सभी पाठकों के लिए अर्थ को सुलभ बनाते हैं। पाठ को भक्तिपूर्ण चित्रों के साथ प्रस्तुत किया गया है, जिनमें श्री राम और सीता को दिव्य कृपा में बैठे हुए और हनुमान जी को प्रणाम करते हुए सुंदर चित्रण शामिल हैं।
प्रमुख विशेषताऐं
विनय पत्रिका भक्ति, भाविक शुद्धता और भक्त तथा ईश्वर के घनिष्ठ संबंध की सशक्त अभिव्यक्ति के लिए पूजनीय है।
यह दैनिक पठन, सत्संग पाठ, चिंतन और व्यक्तिगत प्रार्थना अभ्यास के लिए आदर्श है।
यह पुस्तक तुलसीदास जी की अंतरंग प्रार्थनाओं और निवेदनों के माध्यम से भक्ति को गहरा करती है।
सरल हिंदी व्याख्याओं के माध्यम से मूल श्लोकों की समझ को बढ़ाती है।
भक्तिपूर्ण कविताओं के माध्यम से भावनात्मक उपचार, समर्पण और मन की शांति को बढ़ावा देती है।
दैनिक साधना, सुबह/शाम की प्रार्थना और ध्यानपूर्ण जप के लिए आदर्श।
राम भक्ति को मजबूत करती है, पाठकों को श्री राम और सीता माता से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।
भक्ति साहित्य में शुरुआती लोगों सहित सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त।
धार्मिक अवसरों, त्योहारों और आध्यात्मिक उपलब्धियों पर उपहार देने के लिए उत्तम।
- 368 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
त्वरित शिपिंग
पूरे भारत में डिलीवरी
सुविधाजनक भुगतान
यूपीआई, कार्ड और कैश ऑन डिलीवरी
24x7 सहायता
हम आपकी सहायता के लिए उपलब्ध हैं