
दाम्पत्य जीवन का आदर्श | गीता प्रेस, गोरखपुर | दाम्पत्य जीवन का आदर्श | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 337
धर्मानुशासित गृहस्थाश्रम धर्म और मोक्ष के सम्पुट में अर्थ और काम का सम्पुटित जीवन पञ्चम पुरुषार्थ भगवद्भक्ति का प्रदाता है। दाम्पत्य जीवन के सर्वाङ्गीण विकास-हेतु भाईजी श्री हनुमानप्रसाद जी पोद्दार द्वारा प्रणीत इस पुस्तक में पति-पत्नी के कर्तव्य, धर्म, व्यवहार आदि विभिन्न विषयों पर लिखे गये अनेक उपयोगी लेखों का संग्रह।
भाषा
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एसकेयू: 337
धर्मानुशासित गृहस्थाश्रम धर्म और मोक्ष के सम्पुट में अर्थ और काम का सम्पुटित जीवन पञ्चम पुरुषार्थ भगवद्भक्ति का प्रदाता है। दाम्पत्य जीवन के सर्वाङ्गीण विकास-हेतु भाईजी श्री हनुमानप्रसाद जी पोद्दार द्वारा प्रणीत इस पुस्तक में पति-पत्नी के कर्तव्य, धर्म, व्यवहार आदि विभिन्न विषयों पर लिखे गये अनेक उपयोगी लेखों का संग्रह।
- 128 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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