
गीता सारटसर | भाषा: बांग्ला | कोड: 1581
"गीता सारान्सार (बंगाली संस्करण) पूजनीय स्वामी रामसुखदास जी द्वारा लिखी गई एक बेहतरीन आध्यात्मिक गाइड है, जो भगवद गीता के सबसे प्रामाणिक टीकाकारों में से एक हैं। यह पुस्तक गीता की ज़रूरी शिक्षाओं की एक सरल, गहरी समझ वाली व्याख्या साफ़ बंगाली भाषा में प्रस्तुत करती है, जिससे यह सभी उम्र के पाठकों के लिए सुलभ हो जाती है। मशहूर गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए मुख्य उपदेशों का सार प्रस्तुत करती है - जिसमें भक्ति, कर्तव्य, आत्म-अनुशासन, आंतरिक स्पष्टता और मुक्ति शामिल है। हर अवधारणा को आध्यात्मिक गहराई से समझौता किए बिना समझने में आसान तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो इसे रोज़ाना पढ़ने, अध्ययन समूहों और व्यक्तिगत चिंतन के लिए आदर्श बनाता है। चाहे आप स्पष्टता की तलाश में एक शुरुआती हों या गहरे अर्थों की खोज करने वाले एक समर्पित पाठक हों, यह पुस्तक आपकी आध्यात्मिक यात्रा में एक अमूल्य साथी के रूप में काम करती है।" स्वामी रामसुखदास द्वारा भगवद गीता के सार की एक संक्षिप्त बंगाली व्याख्या मुख्य विशेषताएं : स्वामी रामसुखदास द्वारा प्रामाणिक गीता टीका – गीता की एक विश्वसनीय और प्रामाणिक व्याख्या सरल बंगाली में प्रस्तुत की गई है। सभी अध्यायों का संक्षिप्त सार – आध्यात्मिक गहराई खोए बिना त्वरित समझ के लिए गीता की शिक्षाओं का एक संक्षिप्त संस्करण प्रदान करता है। शुरुआती और नियमित पाठकों के लिए आदर्श – सभी आयु समूहों और पढ़ने के स्तरों के लिए उपयुक्त आसान भाषा में लिखा गया है। उच्च-गुणवत्ता वाली गीता प्रेस प्रकाशन – टिकाऊ प्रिंट, स्पष्ट टाइपसेटिंग और प्रीमियम पेपर लंबे समय तक चलने वाले उपयोग को सुनिश्चित करते हैं। दैनिक सत्संग और स्व-अध्ययन के लिए बिल्कुल सही – संरचित स्पष्टीकरण ध्यान, चिंतन और समूह पठन का समर्थन करते हैं। पोर्टेबल और ले जाने में आसान – कॉम्पैक्ट डिज़ाइन इसे यात्रा, मंदिर में पढ़ने या उपहार देने के लिए आदर्श बनाता है। सांस्कृतिक रूप से प्रामाणिक बंगाली संस्करण – आधुनिक स्पष्टता और प्रासंगिकता प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक शास्त्रीय स्वाद को संरक्षित करता है।"
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 1581
"गीता सारान्सार (बंगाली संस्करण) पूजनीय स्वामी रामसुखदास जी द्वारा लिखी गई एक बेहतरीन आध्यात्मिक गाइड है, जो भगवद गीता के सबसे प्रामाणिक टीकाकारों में से एक हैं। यह पुस्तक गीता की ज़रूरी शिक्षाओं की एक सरल, गहरी समझ वाली व्याख्या साफ़ बंगाली भाषा में प्रस्तुत करती है, जिससे यह सभी उम्र के पाठकों के लिए सुलभ हो जाती है।
मशहूर गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए मुख्य उपदेशों का सार प्रस्तुत करती है - जिसमें भक्ति, कर्तव्य, आत्म-अनुशासन, आंतरिक स्पष्टता और मुक्ति शामिल है। हर अवधारणा को आध्यात्मिक गहराई से समझौता किए बिना समझने में आसान तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जो इसे रोज़ाना पढ़ने, अध्ययन समूहों और व्यक्तिगत चिंतन के लिए आदर्श बनाता है।
चाहे आप स्पष्टता की तलाश में एक शुरुआती हों या गहरे अर्थों की खोज करने वाले एक समर्पित पाठक हों, यह पुस्तक आपकी आध्यात्मिक यात्रा में एक अमूल्य साथी के रूप में काम करती है।"
स्वामी रामसुखदास द्वारा भगवद गीता के सार की एक संक्षिप्त बंगाली व्याख्या
मुख्य विशेषताएं :
स्वामी रामसुखदास द्वारा प्रामाणिक गीता टीका – गीता की एक विश्वसनीय और प्रामाणिक व्याख्या सरल बंगाली में प्रस्तुत की गई है।
सभी अध्यायों का संक्षिप्त सार – आध्यात्मिक गहराई खोए बिना त्वरित समझ के लिए गीता की शिक्षाओं का एक संक्षिप्त संस्करण प्रदान करता है।
शुरुआती और नियमित पाठकों के लिए आदर्श – सभी आयु समूहों और पढ़ने के स्तरों के लिए उपयुक्त आसान भाषा में लिखा गया है।
उच्च-गुणवत्ता वाली गीता प्रेस प्रकाशन – टिकाऊ प्रिंट, स्पष्ट टाइपसेटिंग और प्रीमियम पेपर लंबे समय तक चलने वाले उपयोग को सुनिश्चित करते हैं।
दैनिक सत्संग और स्व-अध्ययन के लिए बिल्कुल सही – संरचित स्पष्टीकरण ध्यान, चिंतन और समूह पठन का समर्थन करते हैं।
पोर्टेबल और ले जाने में आसान – कॉम्पैक्ट डिज़ाइन इसे यात्रा, मंदिर में पढ़ने या उपहार देने के लिए आदर्श बनाता है।
सांस्कृतिक रूप से प्रामाणिक बंगाली संस्करण – आधुनिक स्पष्टता और प्रासंगिकता प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक शास्त्रीय स्वाद को संरक्षित करता है।"
- 96 पृष्ठ
- भाषा: बाँग्ला
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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