
परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ | गीता प्रेस, गोरखपुर | परलोक और पुनर्जन्म की सत्य घटनाएँ | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 888
भारतीय संस्कृति और हिन्दू-धर्म में पुनर्जन्म का सिद्धान्त निर्विवाद रूप में स्वीकार किया गया है। जीव अपने कर्मानुसार समय-समय पर विभिन्न योनियों में जन्म लेता है और सुख-दुःख का फल भोगता है। इस पुस्तक में पुनर्जन्म के सिद्धान्त को पुष्ट करनेवाली 24 सत्य घटनाओं का कथानक के रूपमें सुन्दर चित्रण किया गया है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 888
भारतीय संस्कृति और हिन्दू-धर्म में पुनर्जन्म का सिद्धान्त निर्विवाद रूप में स्वीकार किया गया है। जीव अपने कर्मानुसार समय-समय पर विभिन्न योनियों में जन्म लेता है और सुख-दुःख का फल भोगता है। इस पुस्तक में पुनर्जन्म के सिद्धान्त को पुष्ट करनेवाली 24 सत्य घटनाओं का कथानक के रूपमें सुन्दर चित्रण किया गया है।
- 160 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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