
परम श्रध्देय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार (भाईजी )-के अनमोल प्रकाशन
प्रेम दर्शन | गीता प्रेस, गोरखपुर | प्रेम दर्शन | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 341
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इस पुस्तक में भक्ति-दर्शन के प्रधान आचार्य देवर्षि नारद-कृत नारद-भक्तिसूत्र की श्री हनुमानप्रसाद जी पोद्दार द्वारा सर्वजनोपयोगी, बोधगम्य तथा सरल व्याख्या की गयी है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 341
टैग:Shri Hanuman Prasad Ji Poddar
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इस पुस्तक में भक्ति-दर्शन के प्रधान आचार्य देवर्षि नारद-कृत नारद-भक्तिसूत्र की श्री हनुमानप्रसाद जी पोद्दार द्वारा सर्वजनोपयोगी, बोधगम्य तथा सरल व्याख्या की गयी है।
- 176 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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