
परम श्रध्देय श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दार (भाईजी )-के अनमोल प्रकाशन
सन्त-वाणी | गीता प्रेस, गोरखपुर | सन्त-वाणी | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 342
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त्रिताप-सन्तप्त संसार को मुक्ति रूप निरतिशय आनन्द का सन्देश देकर शान्ति प्रदान करने वाले प्रायः सभी देश जाति के विभिन्न सन्तों के उपदेशात्मक सूक्तियों का सुन्दर संकलन।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 342
टैग:Shri Hanuman Prasad Ji Poddar
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त्रिताप-सन्तप्त संसार को मुक्ति रूप निरतिशय आनन्द का सन्देश देकर शान्ति प्रदान करने वाले प्रायः सभी देश जाति के विभिन्न सन्तों के उपदेशात्मक सूक्तियों का सुन्दर संकलन।
- 288 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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