
सन्त नामदेव की अभंगगाथा | सन्त नामदेव के अभंगों का सम्पूर्ण संग्रह | गीता प्रेस, गोरखपुर | संत नामदेवांची अभंगगाथा | मराठी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 1915
.गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित संत नामदेवंची अभंगगाथा का यह संस्करण भक्ति आंदोलन के सबसे प्रभावशाली संतों में से एक संत नामदेव द्वारा रचित अभंगों का एक पूजनीय संग्रह प्रस्तुत करता है। मराठी में लिखे गए और अपने मूल भक्तिमय भाव में संरक्षित ये श्लोक भगवान विट्ठल के प्रति गहन प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को व्यक्त करते हैं। प्रमुख विशेषताऐं गोरखपुर स्थित गीता प्रेस की विशिष्ट गुणवत्ता के साथ संकलित यह पुस्तक स्पष्ट मुद्रण, पारंपरिक प्रारूप और आध्यात्मिक उत्थानकारी विषयवस्तु से परिपूर्ण है, जो भक्तों, मराठी साहित्य के पाठकों और भक्ति दर्शन के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है। यह पुस्तक दैनिक पारायण, सत्संग पाठ या व्यक्तिगत आध्यात्मिक अध्ययन के लिए आदर्श है।
भाषा
प्रारूप
एसकेयू: 1915
.गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित संत नामदेवंची अभंगगाथा का यह संस्करण भक्ति आंदोलन के सबसे प्रभावशाली संतों में से एक संत नामदेव द्वारा रचित अभंगों का एक पूजनीय संग्रह प्रस्तुत करता है। मराठी में लिखे गए और अपने मूल भक्तिमय भाव में संरक्षित ये श्लोक भगवान विट्ठल के प्रति गहन प्रेम, समर्पण और अटूट भक्ति को व्यक्त करते हैं।
प्रमुख विशेषताऐं
गोरखपुर स्थित गीता प्रेस की विशिष्ट गुणवत्ता के साथ संकलित यह पुस्तक स्पष्ट मुद्रण, पारंपरिक प्रारूप और आध्यात्मिक उत्थानकारी विषयवस्तु से परिपूर्ण है, जो भक्तों, मराठी साहित्य के पाठकों और भक्ति दर्शन के विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है।
यह पुस्तक दैनिक पारायण, सत्संग पाठ या व्यक्तिगत आध्यात्मिक अध्ययन के लिए आदर्श है।
- 992 पृष्ठ
- भाषा: मराठी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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