
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन
शिक्षाप्रद ग्यारह कहानियाँ | गीता प्रेस, गोरखपुर | शिक्षाप्रद ग्यारह कहानियाँ | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 283
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लौकिक-पारलौकिक कल्याण की सिद्धि हेतु गृहस्थ साधकों के लिये उपदेशप्रद ग्यारह कहानियों का एक सुन्दर संकलन।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 283
टैग:Shri Jayadayal Ji Goyendka
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लौकिक-पारलौकिक कल्याण की सिद्धि हेतु गृहस्थ साधकों के लिये उपदेशप्रद ग्यारह कहानियों का एक सुन्दर संकलन।
- 112 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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