
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन
उद्धार कैसे हो | गीता प्रेस, गोरखपुर | उद्धार कैसे हो | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 277
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इस में श्री जयदयाल गोयन्दका द्वारा अपने परिचितों को सत्प्रेरणा हेतु प्रेम और शरणागति, सत्संग, त्याग आदि अनेक शिक्षाप्रद विषयों पर लिखे गये 51 पत्रों का सुन्दर संग्रह है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
एसकेयू: 277
टैग:Shri Jayadayal Ji Goyendka
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इस में श्री जयदयाल गोयन्दका द्वारा अपने परिचितों को सत्प्रेरणा हेतु प्रेम और शरणागति, सत्संग, त्याग आदि अनेक शिक्षाप्रद विषयों पर लिखे गये 51 पत्रों का सुन्दर संग्रह है।
- 112 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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