
सूर-साहित्य
विरह-पदावली | गीता प्रेस, गोरखपुर | विरह-पदावली | हिंदी |आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) |कोड: 547
उपलब्ध है
₹40
इस पुस्तकमें श्री सूरदास जी के द्वारा विरचित गोपी-विरह-सम्बन्धी 325 पदों का संग्रह है। इसमें अक्रूर जी के साथ श्रीकृष्ण के मथुरागमन के समय यशोदा एवं गोपियों की विरह-दशा का बड़ा ही मर्मस्पर्शी चित्रण किया गया है।
भाषा
हिन्दी
प्रारूप
1
एसकेयू: 547
टैग:Shri Soordas Ji
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इस पुस्तकमें श्री सूरदास जी के द्वारा विरचित गोपी-विरह-सम्बन्धी 325 पदों का संग्रह है। इसमें अक्रूर जी के साथ श्रीकृष्ण के मथुरागमन के समय यशोदा एवं गोपियों की विरह-दशा का बड़ा ही मर्मस्पर्शी चित्रण किया गया है।
- 224 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
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