
विवेकचूड़ामणि
विवेकचूड़ामणि · हिंदी · आकार: मध्यम (पुस्तकाकार) · कोड: 133 · हिन्दी
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भगवान् शंकराचार्य के द्वारा विरचित ग्रन्थों में विवेक-चूड़ामणि का विशेष स्थान है। इसमें ब्रह्मनिष्ठा का महत्त्व, ज्ञानोपलब्धि का उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्मज्ञान का महत्त्व, पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी? आत्मज्ञान का फल आदि तत्त्वज्ञान के विभिन्न विषयों का अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है।
एसकेयू: 133
अन्य भाषाओं में उपलब्ध: बाँग्ला, तेलुगू
भगवान् शंकराचार्य के द्वारा विरचित ग्रन्थों में विवेक-चूड़ामणि का विशेष स्थान है। इसमें ब्रह्मनिष्ठा का महत्त्व, ज्ञानोपलब्धि का उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्मज्ञान का महत्त्व, पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी? आत्मज्ञान का फल आदि तत्त्वज्ञान के विभिन्न विषयों का अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है।
- 160 पृष्ठ
- भाषा: हिन्दी
- उत्तम कागज पर टिकाऊ हार्ड बाइंडिंग
- प्रामाणिक गीता प्रेस संस्करण, पीढ़ियों से विश्वसनीय
इस कृति के सभी संस्करण
3 संस्करण · 3 भाषाएँ| संस्करण | भाषा | पृष्ठ | कोड | मूल्य |
|---|---|---|---|---|
| विवेकचूडामणि - भेदभाव का शिखर रत्न | बाँग्ला | 144 | 1460 | ₹25 |
| विवेकचूड़ामणि (यह पृष्ठ) | हिन्दी | 160 | 133 | ₹30 |
| विवेकचूड़ामणि | तेलुगू | 192 | 910 | ₹35 |
विवेकचूडामणि - भेदभाव का शिखर रत्न · बाँग्लाकोड 1460 · 144 पृष्ठ · ₹25

विवेकचूड़ामणि · हिन्दी
कोड 133 · 160 पृष्ठ · ₹30 · यह पृष्ठ
विवेकचूड़ामणि · तेलुगूकोड 910 · 192 पृष्ठ · ₹35
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