
भगवान के रहने के पंच स्थान (हिन्दी)
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन (श्रेणी)एमआरपी ₹ 10
विवरण
इस पुस्तक में पद्मपुराण-सृष्टिखण्ड से संकलित सर्वव्यापक भगवान की उपलब्धि के विषय में मूक चाण्डाल, तुलाधार वैश्य, नरोत्तम ब्राह्मण इत्यादि पाँच कथाओं के माध्यम से तात्त्विक व्याख्या की गयी है।
Shri Jayadayal Ji Goyendka
