हनुमानबाहुका (हिन्दी)

अन्य तुलसीकृत साहित्य (श्रेणी)
एमआरपी7

पुस्तक के बारे में

कोड112
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 64
पुस्तकाकार पाकेट (10.16cm*13.54cm)
हार्ड बाउंड MRP 7

विवरण

गोस्वामी जी के द्वारा विरचित यह स्तुत्यात्मक काव्य त्रिताप-निवारक तथा श्रीहनुमान जी की प्रसन्नता-हेतु सबल आधार है। इसके पाठ से आपत्तियों का शमन एवं हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।

Gita Press Gorakhpur

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