
हनुमानबाहुका (हिन्दी)
अन्य तुलसीकृत साहित्य (श्रेणी)एमआरपी ₹ 7
विवरण
गोस्वामी जी के द्वारा विरचित यह स्तुत्यात्मक काव्य त्रिताप-निवारक तथा श्रीहनुमान जी की प्रसन्नता-हेतु सबल आधार है। इसके पाठ से आपत्तियों का शमन एवं हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।
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