
परम साधना
श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन (श्रेणी)एमआरपी ₹ 25
विवरण
इस पुस्तक में आबाल-वृद्ध-हेतु हर प्रकार के उन्नति के साधनों का निरूपण करते हुए भगवत्प्राप्ति में मनुष्यमात्र का अधिकार, सत्यपालन, स्त्री-बालकों-हेतु कर्तव्य-शिक्षा एवं शिक्षाप्रद कहानियों के संग्रह के साथ गीता-रामायण की महत्ता का सरल प्रतिपादन है।
Shri Jayadayal Ji Goyendka
