विरह-पदावली

सूर-साहित्य (श्रेणी)
एमआरपी40

पुस्तक के बारे में

कोड547
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 224
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 40

विवरण

इस पुस्तकमें श्री सूरदास जी के द्वारा विरचित गोपी-विरह-सम्बन्धी 325 पदों का संग्रह है। इसमें अक्रूर जी के साथ श्रीकृष्ण के मथुरागमन के समय यशोदा एवं गोपियों की विरह-दशा का बड़ा ही मर्मस्पर्शी चित्रण किया गया है।

Shri Soordas Ji

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