अप्रोचानुभूति (हिन्दी)

नित्य पाठ-साधन-भजन एवं कर्मकाण्ड-हेतु (श्रेणी)
एमआरपी10

पुस्तक के बारे में

कोड203
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 32
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 10

विवरण

भगवान् शंकराचार्य के द्वारा प्रणीत यह छोटी-सी पुस्तिका तत्त्वज्ञान के बहुमूल्य उपदेशों के रूप में आत्मसाक्षात्कार का महामन्त्र है। सरल अनुवाद के साथ उपलब्ध।

Gita Press Gorakhpur

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