श्रुति स्तुति (बंगाली संस्करण) | भाषा: बांग्ला | आकार: मध्यम (पुस्तककार) | कोड: 1996

नित्य पाठ-साधन-भजन एवं कर्मकाण्ड-हेतु (श्रेणी)
एमआरपी125

पुस्तक के बारे में

कोड1996
पृष्ठों की संख्या 816
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 125

विवरण

श्रुति स्तुति एक अत्यंत भावपूर्ण बंगाली भक्तिमय रचना है, जिसमें भगवान श्री कृष्ण, विशेषकर उनके मनमोहक बाल रूप को समर्पित पवित्र भजन और प्रार्थनाएँ प्रस्तुत की गई हैं। भक्ति परंपरा में निहित यह पुस्तक गीतात्मक स्तुतियों (प्रशंसाओं) के माध्यम से भक्ति को व्यक्त करती है, जो पाठक के हृदय में प्रेम, समर्पण और आध्यात्मिक आनंद का संचार करती हैं। सोमनाथ मुखर्जी द्वारा लिखित और गोरखपुर के प्रतिष्ठित गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक पारंपरिक भक्ति की पवित्रता को बनाए रखते हुए बंगाली पाठकों के लिए सुलभ भाषा का प्रयोग करती है। भजन वैष्णव दर्शन के सार को प्रतिबिंबित करते हैं—जहाँ भक्ति केवल अनुष्ठानों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि ईश्वर के हार्दिक स्मरण और प्रेमपूर्ण स्तुति के माध्यम से व्यक्त की जाती है। दैनिक प्रार्थना, व्यक्तिगत ध्यान, मंदिर में भजन पाठ और सत्संग के लिए आदर्श, श्रुति स्तुति एक आध्यात्मिक साथी और एक साहित्यिक खजाना दोनों का काम करती है। भक्तिमय श्लोक आंतरिक शांति, विनम्रता और भगवान कृष्ण की कृपा में अटूट विश्वास विकसित करने में सहायक होते हैं।


प्रमुख विशेषताऐं

यह पुस्तक भगवान कृष्ण के प्रति भक्ति और भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत करती है।

दैनिक प्रार्थना और आध्यात्मिक अनुशासन का समर्थन करती है।

शांति, आनंद और मानसिक स्पष्टता प्रदान करती है।

भक्ति-केंद्रित जीवनशैली को प्रोत्साहित करती है।

शास्त्रीय बंगाली भक्ति साहित्य का संरक्षण करती है।

Gita Press Gorakhpur

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