भगवद्दर्शन की उत्कंठ (हिन्दी)

श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके शीघ्र कल्याणकारी प्रकाशन (श्रेणी)
एमआरपी35

पुस्तक के बारे में

कोड252
भाषाहिन्दी
पृष्ठों की संख्या 224
पुस्तकाकार पुस्तकाकार (13.5cm*20.32cm)
हार्ड बाउंड MRP 35

विवरण

अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका संग्रह है। इसके अध्ययनसे साधन-सम्बन्धी सभी जिज्ञासाओंका सहज ही समाधान हो जाता है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी ग्रन्थ है।

Shri Jayadayal Ji Goyendka

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